क्या कहती है कर्क संक्रांति


 कर्क संक्रांति 


सूर्य कर्क राशि में 16 जुलाई 2022 को रात्रि में प्रवेश कर रहे हैं।इस समय मीन लग्न उदित हो रहा है। ब्रहस्पति स्वग्रही होकर लग्न में स्थित है जो लग्न को बल प्रदान करते हैं।

इस कुंडली में मंगल, बुध, बृहस्पति शनि स्वग्रही योग में स्थित होकर कुंडली को बल प्रदान करते हैं। चंद्रमा द्वादश भाव में पाप प्रभाव रहीत है।

        जीवन गतिमान है तथा ग्रह भी गतिमान है, इन्हीं के तालमेल से घटनाओं का आंकलन करने की विधा ज्योतिष है।मेदिनी ज्योतिष में मेष, कर्क, तुला, मकर संक्रान्ति का विशेष महत्व है। कर्क संक्रांति के समय लिए गए निर्णय या सरकार द्वारा बनाई गई योजनाएं दिर्घकालीक प्रभाव डालती है।

  

       # सबसे पहले हम आर्थिक स्थिति तथा व्यवसाय जगत को देखने का प्रयास करते हैं। आर्थिक स्थिति के  आंकलन के लिए द्वितीय तथा एकादश भाव को देखते हैं। यहां पर पाप ग्रह स्वग्रही हो कर स्थित है जो संघर्ष के साथ धन अर्जन का संकेत देते हैं । दशमेश स्वग्रही होकर केंद्र में एकादशेश  से दृष्ट होकर स्थित है जो उत्तम योग निर्मित करता है।केंद्र में तीन शुभ ग्रहों की स्थिति समृद्धि के लिए अच्छा योग निर्मित करती है। सरकार के प्रयास सकारात्मक तथा सरकार की छवि भी सकारात्मक रहेगी।

     

     # राजनीतिक गतिविधियों को हम इस चार्ट  से देखने का प्रयास करते हैं तो सरकार मजबूत स्थिति में है । एकादश भाव  कानून निर्माण के लिए जाना जाता है ।यहां पर एकादशेश शनि पर षष्ठेश सूर्य की दृष्टि है जो  ऐसे कानून निर्माण के प्रस्ताव को इंगित करती है जहां इसका बड़े पैमाने पर विरोध हो । पंचम भाव बच्चे ,जन्मदर का भाव है।पंचमेश द्वादश भाव में स्थित है तथा पंचम भाव पर षष्ठेश सूर्य की स्थिति जिस पर मंगल, गुरु, शनि की दृष्टियां है।हाल ही में जनसंख्या दिवस पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट जारी की गई जिसमें 2030 में भारत की आबादी चीन को पछाड़ते  हुए 142. 9 करोड़ हो जाएगी। इसके लिए सरकार कुछ नज क्रांतिकारी परिवर्तन या कानून पर विचार विमर्श कर सकती है। यदि सरकार समान सिविल संहिता को लागू करने के लिए प्रस्ताव संसद में भेजती है तो इसका विरोध भी व्यापक रूप से होगा। 

     जब हम भारत की कुंडली पर नज़र डालते हैं तो यहां वक्री शनि नवम भाव में है जिस पर सूर्य की दृष्टि है जो धार्मिक विरोधात्मक स्थितियों का  संकेत दे रही है।

      # कर्क संक्रांति चार्ट के अष्टम भाव में केतु स्थित है जिस पर राहु युत मंगल की तथा शनि की भी दृष्टि है जो यह दिखाता है कि सरकार के सामने कई अवांछनीय स्थितियां तथा समस्याएं हो सकती है। लग्न बली होने से सरकार नियंत्रण करने में सफल रहेगी ।

     

     # स्वास्थ्य की दृष्टि से देखें तो यह चार्ट यह संकेत करता है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में अनुकूल बने रहने की स्थितियां निर्मित होंगी ।

   # मौसम को देखे तो लग्नेश बृहस्पति जल तत्व राशि में तथा सौम्य नाड़ी में है। जो अच्छी वर्षा का संकेत दे रहा है।

    बुध पुनर्वसु नक्षत्र तथा नीर नाड़ी में स्थित है जो जल्दी ही जल नाड़ी में प्रवेश कर , बृहस्पति तथा अन्य ग्रह मंगल ,शनि ,सूर्य  के प्रभाव में होंगा। मंगल -राहु  भी भरणी नक्षत्र में प्रचंड नाड़ी में है जो चक्रवात तथा तूफान के साथ भारी वर्षा का संकेत दे रहे हैं। पूर्वोत्तर तथा पूर्वी भागों की स्थिति ज्यादा दयनीय हो सकती है।

Comments

  1. अच्छा विश्लेषण I varshaa की दिल्ली को लेकर भविष्यवाणी करते तो सुखद रहता I सादर I

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    1. नमस्कार शर्मा जी
      वर्षा सभी दूर अच्छी स्थिति है

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  2. Replies
    1. धन्यवाद सीमा जी

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  3. Bahut sundar ✌️

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    1. धन्यवाद 🙏

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  4. अति उतम

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