आद्रा नक्षत्र प्रवेश चार्ट तथा बारीश

 सूर्य आद्रा नक्षत्र प्रवेश चार्ट:

22/6/2022 को 11:45:00 सूर्य आद्रा नक्षत्र में प्रवेश कर रहा है




इस समय कन्या लगना उदित हो रहा है। शास्त्रों में आद्रा नक्षत्र प्रवेश चार्ट से विशेषकर वर्षा से संबंधित जानकारी के लिए उपयोग किया जाता है । वर्षा अनुमान इस प्रकार है- 

पूर्वी भाग- यहां पर कन्या राशि उदित हो रही है ।यह शुष्क राशि है, जिस पर दो  जलीय ग्रहों की दृष्टि है, तथा नवांश में हो रहा है जिसमें जलीय ग्रह चंद्र चित्र सामान्य वर्षा से अधिक वर्षा को इंगित करता है।

पूर्वोत्तर भाग- द्वितीय भाव में वायु तत्व राशि है जिसमें केतु स्थित है जिस पर मंगल की दृष्टि है। तृतीय भाव में वृश्चिक राशि है जो जलिय राशि है जिस पर बुध, शुक्र तथा गुरु की दृष्टि है।ये सभी स्पष्ट करते हैं कि पूर्वोत्तर के कुछ भागों में बिजली चमक के साथ अत्यधिक हवाएं चलेंगी वहीं कुछ भागों में सामान्य से अधिक वर्षा होगी। बाढ़ की संभावना भी उत्पन्न हो सकती है। बाढ़ की वजह से जीवन अस्त व्यस्त हो सकता है।

उत्तर भाग- यहां स्थित धनु राशि अग्नि तत्व राशि है जिस पर शुष्क ग्रह सूर्य की दृष्टि है नवांश में मेष राशि है तथा उस पर गुरू व शनि की दृष्टि से जो देर से वर्षा के संकेत हैं। प्रारंभ में अत्यधिक गर्मी तथा अनुमान से कम वर्षा के संकेत देती है।

उत्तर-पश्चिम भाग- हमें मकर राशि जले राशि कुंभ राशि वालों पर शनि की स्थिति है।कुछ भागों में सामान्य वर्षा तथा कहीं पर सामान्य से कम वर्षा के साथ सिर्फ नमी युक्त हवाओं के  संकेत हैं।

पश्चिम भाग-  यहां पर मीन राशि उदित हो रही है जो जली राशि है जिस पर गुरु, चंद्र मंगल की स्थिति है जो सामान्य से अधिक वर्षा के साथ बाढ़ की स्थिति भी निर्मित करती है। नवांश में यहां कर्क राशि उदित हो रही है जिस चंद्र की दृष्टि है।यह भी अतिवृष्टि के संकेत देती है । गुजरात तथा महाराष्ट्र में स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

दक्षिण-पश्चिम भाग- यहां पर मेष तथा वृषभ राशियां हैं। मेष राशि अग्नि तत्व राशि है जिस पर राहु स्थित है तथा शनि की दृष्टि है जो तूफानी हवाओं का संकेत है वही वृषभ राशि पृथ्वी तत्व की राशि होकर शुभ ग्रह बुध शुक्र की स्थिति है जो सामान्य से अधिक वर्षा के संकेत देती है।

 दक्षिण भाग- यहां पर निर्जलिय  मिथुन राशि में शुष्क ग्रह सूर्य  स्थित होकर मंगल से दृष्ट है अत्यधिक गर्मी तथा सूखा पड़ने का संकेत दे रही है। नवांश में तुला राशि उदित हो रही है जिसमें शनि , बृहस्पति की स्थिति देरी से कुछ वर्षा का संकेत है।

दक्षिण पूर्वी भाग- यहां पर और को कर्क तथा सिंह राशियां उदित हो रही है। कर्क राशि जलिय राशि है जिस पर बृहस्पति की पूर्ण दृष्टि है जो उत्तम वर्षा के तथा सिंह राशि राशि है जिस पर शनि की दृष्टि है अतः कुछ भागों में वर्षा ना होने के संकेत दे रही हैं।

नोट- इस आद्रा नक्षत्र चार्ट से पश्चिम भाग में अतिवृष्टि की स्थिति निर्मित हो रही है ।गुजरात तथा महाराष्ट्र के दक्षिण-पश्चिम भागों में समुद्री तूफान के साथ बारिश तथा राजस्थान के कुछ भाग में सुखे की स्थित हो सकती है।

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