मेष संक्रांति
मेष संक्रांति
सूर्य मेष राशि में 14 अप्रैल 2022 को सुबह 8:42 को प्रवेश कर रहे हैं इस समय वृषभ लग्न उदित हो रहा है जो भारत की कुंडली का लग्न भाव भी बनता है। लग्नेश शुक्र दशम भाव में दशम भाव में मंगल तथा चंद्रमा से परस्पर दृष्टि संबंध में है यह योग तृतीयेश, सप्तमेश , षष्ठेश, द्वादशेष से मिलकर बन रहा है जो युद्ध, हिंसा, तनाव, कलह जैसी स्थित दिखा रहा है।इस युती पर शुभ प्रभाव का अभाव है परंतु बृहस्पति तृतीय भाव, सप्तम भाव को देख रहा है जो कहीं न कहीं समझौते की स्थिति निर्मित करता है।
इस युति दूसरा प्रभाव यह हो सकता है कि सरकार द्वारा सेना, हथियार तथा देश की सीमाओं पर अत्यधिक धन खर्च करना पड़ सकता है।
बुध, सूर्य तथा राहु की युति द्वादश भाव में यह इंगित करती है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते कुछ गलत निर्णय आर्थिक हानि का संकेत दे रहे हैं।
ब्रोकर ,मिडियेटर,लेखक ,स्पेक्युलेशन करने वाले सावधानी रखें।देश की बड़ी तथा नामी कंपनियों को बड़े पैमाने पर हानी के संकेत भी है।
इसके बावजूद नवमेश की नवम में तथा एकादशेश की एकादश में स्थिति शुभ है,आर्थिक स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम है।

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