एक नाथ का शपथ ग्रहण कुंडली
महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बाद एक नया अध्याय शुरू हुआ।
30 जून 2022 को शाम 7:30 पर एक नाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ।
शपथ ग्रहण के समय धनु लग्न उदित हो रहा है । यह द्विस्वभाव तथा प्रष्ठोदय लग्न राशि है जो अस्थिरता को इंगित करती है ।चंद्रमा अष्टम भाव में बृहस्पति तथा मंगल से दृष्ट होकर स्थित है जो भी उत्तम स्थिति को इंगित नहीं करता । यहां मुझे एकनाथ शिंदे की कुंडली नहीं प्राप्त हो पाई, अतः निष्कर्ष का मुख्य आधार शपथ ग्रहण कुंडली ही है।
# लग्नेश इस कुंडली में लग्नेश- चतुर्थेश बृहस्पति चतुर्थ भाव में हंस योग का निर्माण कर रहा हैं जो सुखद शासन व्यवस्था तथा शासन के स्थायित्व के लिए अच्छा योग निर्मित करता है। परंतु यह पाप कर्तरी में है जो सदैव विरोधियों से घिरे रहने की स्थिति निर्मित करता है।
# इस कुंडली का सबसे बड़ा शुभ बिंदु यह है कि गुरु, मंगल, शनि, शुक्र तथा चंद्रमा पांचो ग्रह स्वग्रही है ।
# पांचवें घर में स्वग्रही मंगल राहु से युत तथा शनि से दृष्ट होकर स्थित है।
यहां पाप प्रभाव अपोजिशन के भय को दिखा रहा है।यह दुस्साहस तथा उत्तेजित मानसिकता को भी दिखाता है। संतुलित होकर लिए गए निर्णय शासनावधी को बढ़ाएंगे।
# दशमेश छठे घर में पुनः दबाव को दिखाता है स्वतंत्रता के साथ कार्य करने में बाधाओ को दिखाता है।
# इस कुंडली अपनी ताकत के साथ कमजोरीयों को इंगित कर रही है।तृतियेश , षष्ठेश ,अष्टमेश, द्वादशेष का संबंध किसी भी प्रकार से चौथे घर से नहीं है। चतुर्थेश हंस योग में चतुर्थ भाव में है परंतु पाप कर्तरी में है।
# ये सभी चिज़े इस ओर इशारा कर रही है कि कहीं न कहीं समर्थन दल तथा उनके समर्थन में खड़े शिव सैनिकों का प्रभाव , दबाव तथा भय एक नाथ शिंदे पर बना रहेगा।
इस पाप कर्तरी को एकनाथ शिंदे किस प्रकार लेते हैं । यहां एकनाथ शिंदे की जन्म कुंडली की दशा का रोल महत्वपूर्ण हो जाता है। जिसका हमारे पास अभाव है। फिर उम्मीद के साथ अगले ब्लॉग में मिलेंगे कहीं ना कहीं से शिंदे की जन्म कुंडली प्राप्त हो जाए।

Short and interesting
ReplyDeleteGood information
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