शपथ ग्रहण तथा भगवंत मान के सितारे

 शपथग्रहण तथा भगवंत मान के सितारें-


शपथग्रहण कुंडली ☝️☝️

होलाष्टक में श्री भगवंत मान का शपथग्रहण एक चर्चा का विषय रहा।भगवंत मान ने 16/3/2022को दोपहर 1:25:00 पर पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथग्रहण ली। शपथ ग्रहण के समय मिथुन लग्न तथा वृषभ नवांश उदित हो रहा है। लग्न शिर्षोदय है पर द्विस्वभाव होकर डिग्री में 26° 28' होने से थोड़ी अस्थिरता को इंगित करता है ।जन्म कुंडली में चंद्रमा मिथुन राशि में तथा आद्रा नक्षत्र में है जो चंद्रबल में तो ठीक है पर जन्म कालीन नक्षत्र से प्रत्यरी तारा होने से दूश्मनो की वृद्धि तथा उनके छुपकर घात को दिखाते हैं।इस कुंडली में अष्टम भाव में षष्ठेश, अष्टमेश तथा द्वादशेष की युति कई प्रकार की परेशानियों को दिखा रही है ।इस कुंडली में पंचमेश भी अष्टम भाव में कहीं ना कहीं गलत निर्णय से आरोपों का शिकार होना दिखाता हैं ।यहां पर शनि की दृष्टि भी दशम भाव पर है ।

इस कुंडली के सबसे शुभ बिंदु है गज केसरी योग ।इस योग में बुध भी शामिल होकर इसे ओर बली कर दिया है। लग्नेश ,चतुर्थेश ,दशमेश की युति में जिस पर द्वितीयेश की दृष्टि है यह भी बहुत सुंदर राजयोग तथा धन योग का निर्माण कर रही है। दशम भाव में स्थित तृतीयेश सरकार के अथक प्रयास था कुशलता को इंगित करते है ।इस कुंडली में चतुर्थ भाव पर सूर्य की दृष्टि है ठीक नहीं है पर चतुर्थेश अतिशुभ स्थिति में है, जो सुखद स्थितियों को दिखा रहा है।

निष्कर्षत: भगवंत मान जी को कई परेशानियों तथा षड़यंत्रों का सामना करना पड़ सकता है परंतु चतुर्थेश की शुभ स्थिति के शासन काल की अवधि को को बढ़ाते हुए दिखा रही है।


भगवंत मान : जन्म कुंडली




भगवान की जन्म कुंडली में धनु लग्न उदित हो रहा है, लग्न शुभ कर्तरी में है। इस कुंडली में लग्नेश नीच के हैं जो चतुर्थेश भी है सिंहासन के कारक भी है नवांश में स्वग्रही हो गए हैं ।इसी की अंतर्दशा मिली जो इनके लिए कॉफी फलदाई रही ।आगे आने वाली महादशा भी बुध की है जो दशमेश- सप्तमेश होकर लाभ भाव में वर्गोत्तम नवमेश से युत होकर स्थित है ।

     बुध पंचमेश मंगल से दृष्ट होकर स्थित है। चंद्रमा से तृतीयेश सूर्य पंचम भाव में बुध से युत होकर मंगल से दृष्ट है। यह योग अच्छा कामेडियन तथा एक्टर भी बनाता है।

     भगवंत मान की कुंडली के सप्तम भाव विष योग का निर्माण हो रहा है। यह विवाहित जीवन से निराशा को दिखाता है तथा डिप्रेशन कारक भी है ।यह योग अत्यधिक सेंसिटिव बनाता है मिथुन राशि में स्थित चंद्रमा इन्हें दुख तथा आंतरिक करूणा को एक कला के रूप में प्रस्तुत करने की खूबी भी प्रदान की। यहां शनि तृतीयेश होकर अष्टमेश चंद्रमा से युति में है। इस युति के कई नकारात्मक बिंदु है परंतु सकारात्मक यह है कि यह व्यक्ति को विचारशील बनाती है दूसरों की तकलीफ हो परेशानियों को समझने का दृष्टिकोण भी प्रदान करती है इसी वजह से यह एक सफल कॉमेडियन बन पाए। भगवंत मान को शनि की दशा भी प्राप्त हुई जो उनके लिए उतार-चढ़ाव वाली रही ।2011 में राजनीति में आए। 2012 में पहली बार चुनाव लड़े तथा हारे (बादल की पार्टी से)। दशा- शनि में शुक्र की मिली यहां दोनों दशाएं तृतीयेश -षष्ठेश की होकर 6/8 अक्ष पर है ‌।अंतर्दशा नाथ 12वें भाव में स्थित है। 2014 बादल ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया तो भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी को ज्वाइन कर लिया। इसी वर्ष चुनाव भी जीता।दशा-शनि/सूर्य की मिली शनि तृतीयेश है तथा सूर्य नवमेश होकर लाभ भाव में है।नवांश वर्ग में सूर्य दशमेश है ,दशांश वर्ग में सूर्य लग्नेश है । तीनों वर्गों में सूर्य नीच का है जो विषम परिस्थितियों में जीत को सुनिश्चित करता है।2019 में लोकसभा चुनाव भी जीता।

   वर्तमान में शनि में चतुर्थेश बृहस्पति के अंतर ने उन्हें सिंहासन दिला दिया। आगे आने वाली दशा राजयोग करी बुध की है।2014-2026 तक मेष की दशा है जिसमें मात्र कारक स्थित है जिस पर अमात्य कारक की दृष्टि है ।यह भी एक उत्तम स्थिति इंगित करती है।

इस कुंडली एक ओर बली बिंदु है यहां भाग्य योग ।



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