शनि राशि परिवर्तन, ग्रहण तथा इसके प्रभाव
शनि राशि परिवर्तन , ग्रहण तथा इसके प्रभाव:
शनि 29 अप्रैल 2022 को सुबह 7:55 पर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं ।इस समय गोचर का चंद्रमा मीन राशि में रहेगा।
शनि के राशि परिवर्तन के बावजूद भी शनि का धनिष्ठा नक्षत्र पर की गोचर रहेगा, साथ ही मंगल से युति करेंगे तथा 17 मई तक युति रहेगी।तीन मई को देव गुरु बृहस्पति तथा दैत्य गुरु शुक्र वार की स्थिति निर्मित कर रहे हैं।
3 मई से 17मई तक का समय घातक हो सकता है।
आचार्य वराहमिहिर ने मंगल-शनि की युति को खराब कहा है तो वहीं आचार्य धनिष्ठा नक्षत्र में शनि के गोचर के बारे में कहते हैं कि धन अधिकारियों की बढ़ोतरी तथा निवेश कर्ता पिछड़ जाता है। यहां स्पष्ट होता है कि फाइनेंसियल क्राइसिस की संभावनाएं बलवती हो रही है
दो ग्रहणो का प्रभाव रहेगा ।सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को रात्रि 12:30 है। सूर्य ग्रहण का प्रभाव दक्षिणी अमेरिका प्रशांत महासागर के कुछ भाग है ,भारत में यह दृश्य नहीं है तो वही चंद्र ग्रहण 16 मई को होगा ।चंद्र ग्रहण का दृश्य भाग दक्षिणी अमेरिका उत्तरी अमेरिका के कुछ भाग यूरोप के कुछ भाग ब्रिटेन आयरलेण्ड , प्रशांत महासागर तथा अफ्रीका के कुछ भाग है इस प्रकार यूक्रेन की स्थिति में गिरावट के संकेत भी ग्रहण दे रहा है।
यहां इन महाद्वीपों के कुछ देशों की आर्थिक स्थिति में ज्यादा गिरावट आ सकती है क्योंकि आचार्य वराह मिहिर ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मुख्य रूप से आर्थिक स्थिति पर वार होगा ।करोना का आक्रामक रूप भी 5 जून के बाद पुनः दिखने लगेगा
भारत हिन्दू नववर्ष कुंडली में मिथुन लग्न उदित हो रहा है जहां शनि- मंगल की युति अष्टम भाव में है और लग्नेश नीच के है।वर्तमान में भारत की कुंडली में शनि तथा मंगल की युति दशम भाव पर होगी यह स्थिति भारत के लिए टफ हो सकती है।यह किसी बड़ी चुनौती को दिखा रहा है जिससे सरकार को निपटने में काफी धन खर्च करना पड़ सकता है।
विभिन्न राशियों पर प्रभाव :
# कुंभ,मकर,मीन पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। कर्क राशि वालों के लिए अष्टम शनी, वृश्चिक राशि के लिए कंटक शनि की स्थिति कार्यो में देरी , बाधाएं, पीड़ा प्रदान करेगी।
# मिथुन तथा तुला राशि वालों को 3 महीने शनी की ढईया से राहत मिलेगी। कार्यों में प्रगति के साथ स्वास्थ्य में सुधार रहेगा।
# वृषभ, तुला,मीन- स्वर्ण मूर्ति -कार्यों के लिए उत्तम पूर्ण सफलता दायक।
कुंभ, वृश्चिक, मिथुन -रजत मूर्ति -कार्यों में सफलता तथा संतोष मिथुन ,कन्या ,मकर -ताम्र मूर्ति- आंशिक सफलता तथा कार्य देरी से पूर्ण।
धनु,सिंह ,मेष राशियों के लिए शनि लोहा मूर्ति बनाकर अशुभ फलदायक रहेंगे।

भिखारियों के साथ/ बीमारियों के साथ
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DeleteAmazing Analysis ✨
ReplyDeleteVery perfect 👌
ReplyDeleteThank you ☺️❤️
DeleteWaah. Badiya ullekh 🙏🙏
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DeleteVery nice analysis
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Deleteअत्यंत सटीक विश्लेषण
ReplyDeleteBeautifully explained
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