क्या यह युद्ध पुतिन के केरियर का अंत है ?

 क्या यह युद्ध पुतिन के केरियर का अंत है ?

हाल ही में एक सर्वे में दावा किया कि युद्ध के दौरान पुतिन की पापुलर्टी बढ़ी है। क्या पुतिन अगली बार पुनः रूस के राष्ट्रपति बन पाएंगे।

पुतिन: 

7 अक्टूबर 1952  समय 14:10

Longitude: 36 east 36'

Latitude : 59 north 01'

पुतिन की मां फैक्ट्री में मजदूर थी  तथा पिता सोवियत नेवी में कार्य करते थे। पुतिन के दो बड़े भाइयों की मृत्यु बाल्यकाल में ही हो गई । 1975 में पुतिन ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की कथा 1975 से 1991 तक की केजीबी में कार्य करते रहे।16 साल तक सोवियत संघ की गुप्तचर संस्था केजीबी में अधिकारी के रूप में काम किया।

1991 में सेवानिवृत्त हुए तथा अपने पैतृक शहर पीटर्सबर्ग से राजनीति में पैर रखा। बाद में वे राष्ट्रपति बोरिसयेल्तसिन के प्रशासन में शामिल हो गए ।1999-2000  तथा 2008-2012 तक रूस के प्रधानमंत्री रहे।

2000-2008 तथा 2012 से वर्तमान तक वे रूस के राष्ट्रपति है।

लग्नेश  मंगल द्वितीय भाव में बृहस्पति से दृष्ट है। चतुर्थेश-दशमेश का संबंध एकादश भाव में राजनेताओं की कुंडली में सिंहासन से लाभ को दिखाता है। वृश्चिक लग्न तथा तृतीयेश -दशमेश की युति तथा पंचमेश षष्ठेश, अष्टमेश, द्वादशेष के अलावा दशम भाव को भी दृष्ट कर रहा है जो गुप्तचर  विभाग के लिए अच्छा योग निर्मित करता हैं। पुतिन की कुंडली में पंचम भाव पर तीन पाप ग्रहों का प्रभाव है तथा पंचमेश वक्री होकर छ्ठे भाव में क्रिमिनल टेंडेंसी को इंगित करता है।

इन्होंने 16 वर्ष तक केजीबी (गुप्तचर संस्था ) में कार्य किया।इस संस्था में प्रवेश के समय दशा राहु/शनि की मिली जो स्पष्ट रूप से तृतीय तथा दशम भाव के संबंध को स्पष्ट करती है। नवांश में राहु अष्टम भाव में तथा शनि लग्नेश-द्वादशेश होकर दशमेश तृतीयेश मंगल को दृष्ट कर रहा है।

दशमांश में भी तृतीय,दशम , द्वादश भाव का संबंध स्पष्ट हो रहा है।

# बृहस्पति/बुध की दशा में केजीबी से सेवानिवृत्त हुए।जो स्पष्ट रूप से पंचमेश में द्वादशेष का अंतर है। नवांश में भी बुध पंचमेश-अष्टमेश है।चर दशा- सिंह/वृषभ। सिंह व वृषभ  से दशम पर उपपद की दृष्टि है। महादशा नाथ बृहस्पति की तीनों वर्गों में जंमांग, नवमांश,दशमांश में दृष्टि तथा स्थिति है यहां नियति कुछ ओर संकेत दे रही है।

राजनीतिक करियर

1996 में ये राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के प्रशासन में शामिल हो गए। दशा- बृहस्पति/सूर्य की मिली।बृहस्पति की दशम भाव पर दृष्टि है तथा नवांश तथा दशमांश वर्ग में दशम भाव में स्थित है। अंतर्दशा नाथ सूर्य दशमेश है तथा सत्ता का कारक है। नवांश में सूर्य सप्तमेश होकर बृहस्पति से दृष्ट है। दशमांश में नवम भाव में स्थित है।

# महादशा नाथ शनि चतुर्थेश होकर दशमेश के साथ एकादश भाव में है जो स्पष्ट रूप से सिंहासन प्राप्ति दिखाता है। शनि महादशा पुतिन के स्वर्णिम दशा रही । आदरणीय राव सर ने हमेशा कहा है कि चतुर्थेश की दशा राजनेताओं को राज गद्दी दिलाया करती है।नवांश तथा दशमांश में भी शनि क्रमशः सप्तम भाव तथा एकादश भाव में स्थित है।

इस दशा में पुतिन ने अच्छे प्रयास रहे। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के रूप में पुतिन के पहले कार्यकाल के दौरान, वास्तविक आय में 2.5 गुणा वृद्धि हुई, वास्तविक पारिश्रमिक में तीन गुणा से अधिक वृद्धि हुई; बेरोजगारी और गरीबी आधी से काम हो गयी, एवं रूसियों द्वारा आत्म-मूल्यांकित जीवन संतुष्टि में काफी बढ़ोतरी हुई।पुतिन के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल को आर्थिक वृद्धि के दौर के रूप में देखा जाता है: रूसी अर्थव्यवस्था में लगातार आठ साल तक संवृद्धि हुई, क्रय-शक्ति समता में 72% की वृद्धि एवं संज्ञात्मक सकल घरेलू उत्पाद में 6 गुणा वृद्धि देखने को मिली।

# क्रमिया का अधिग्रहण 2014:

 26 फरवरी 2014 को हथियारबंद समर्थकों ने यूक्रेन के क्रिमिया  प्रायद्वीप  पर कब्जा कर लिया रूसी संसद ने भी इस निर्णय का अनुमोदन किया ।6 मार्च को क्रमिया संसद ने भी रूस का हिस्सा बनने के समर्थन में वोट दिया। 8 मार्च 2014 को क्रिमिया रूस का हिस्सा बन गया। दशा-शनि/चंद्र शनि चतुर्थेश है तथा चंद्रमा सप्तम भाव में उच्च के होकर स्थित है। विदेशी भूमि का लाभ दिखा रहें हैं। तृतीय भाव सीमावर्ती देश तथा सप्तम भाव युद्ध दिखाता है नवांश में शनि सप्तम भाव में चंद्रमा तृतीय भाव में,दशमांश में शनि एकादश भाव में तथा चंद्रमा तृतीय भाव में स्थित है। घर दशा- मीन/मेष , महादशा मीन से सप्तम में अमात्य कारक ,मात्र कारक है तथा दशम भाव में ज्ञाती कारक है।मेष राशि से से सप्तम भाव में दारा कारक तथा मात्र कारक की स्थिति युद्ध से लाभ को इंगित करती है। नवांश में भी मेष से सप्तम भाव में दारा कारक स्थित है।

# बुध की महादशा 25/3/2021 से प्रारंभ हुई। यहां बुध अष्टमेश होकर द्वादश भाव में स्थित है। पुतिन का कार्यकाल 2024 को समाप्त होगा। उस समय दशा-बुध/शुक्र की होगी जो पुतिन को कार्य से सेवा निवृत्ती का संकेत दे रही है या फिर चुनाव में असफलता का संकेत है।


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